गुलदान बनाने की कला तुम्हारे पास है
दूर दराज के इलाकों में नहीं
तनिक भीतर नजर उठाकर देखना
बेशकीमती खजाना तुम्हारे पास है ।
गुलदान बनाने की कला तुम्हारे पास है
दूर दराज के इलाकों में नहीं
तनिक भीतर नजर उठाकर देखना
बेशकीमती खजाना तुम्हारे पास है ।
नवप्रभात का करते स्वागत बीती रजनी की अलस छोड़ जीवन संघर्ष से अमृत खोज करुणा प्रेम दया का सोता नदियों में बहता गंगाजल
बहुत सुंदर
जवाब देंहटाएंधन्यवाद !
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