जिनका अपना है एक आसमान
चाँदनी की धूप में लोट-पोट
आकाशगंगा में भींगकर
नन्हें से चेहरे मुस्कुराते
दिन - रात ।
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जिनका अपना है एक आसमान
चाँदनी की धूप में लोट-पोट
आकाशगंगा में भींगकर
नन्हें से चेहरे मुस्कुराते
दिन - रात ।
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गुलदान बनाने की कला तुम्हारे पास है
दूर दराज के इलाकों में नहीं
तनिक भीतर नजर उठाकर देखना
बेशकीमती खजाना तुम्हारे पास है ।
क्षण भर रुका व्यतीत
अवश्य ! पर नहीं
बंधना होता है पतंग को
उसकी डोर कभी न कभी
पीछे हाथ में रह जाती है
जो रेत मुट्ठी से धीरे - धीरे सरक जाती है
सच है , भागना भी उसके पीछे
मैदान गली - गली सँकरी गली