सोमवार, 17 नवंबर 2025

बातें अनकही


टूटे  तारे 

जिनका  अपना  है  एक  आसमान 

चाँदनी  की  धूप  में   लोट-पोट  

आकाशगंगा  में  भींगकर

नन्हें  से  चेहरे  मुस्कुराते  

दिन - रात  ।

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बुधवार, 5 नवंबर 2025

बेशकीमती खजाना तुम्हारे पास है

 



मुश्किलों की टूटी काँच का  

गुलदान बनाने की कला तुम्हारे पास है 

दूर दराज के इलाकों में नहीं

तनिक भीतर नजर उठाकर देखना

बेशकीमती खजाना तुम्हारे पास है ।


👉  जी भरकर जीए nature feel of soul


सोमवार, 3 नवंबर 2025

तारों के जाल में उलझी



क्षण भर रुका व्यतीत 

अवश्य ! पर नहीं

बंधना होता है पतंग को

उसकी डोर कभी न कभी

पीछे हाथ में रह जाती है

जो रेत मुट्ठी से धीरे - धीरे सरक जाती है

सच है , भागना भी उसके पीछे

मैदान गली - गली सँकरी गली