सोमवार, 30 जून 2025

एक बीते जीवन की डोर अपने अंतर में लिए



स्मृतियों   के   देश   में  एक  बीते  जीवन  की  डोर 

कथा  कहती  जुबानियाँ  मुस्कुराती   नादानियाँ

कुछ  शरारतें   कुछ   मासूमियत

जिन्हें  देख  खुशी  से  पुलक  उठते  थे

बड़़े , भूला  अपनी  सारी  परेशानियाँ

बहुत   से   सबक   खेल  -  खेल  में  ही

संस्कार  बन  जीवन  के  अंतरंग  भाग  हो  गए

रविवार, 29 जून 2025

सावन गीत



मन  हो  रहा  उद्दीप्त  नृत्य  करता  मन  मयूरा

थिरका  रहा  इन  टपटप   बूँदों   से  ताल  ले

बही  चली  नदियाँ   में   कागज  की  नाव  रे

तरुवर   ओढ़े   चुनर   हरियाली   की   उपजें

कोपलें  भाव  मन  की  माटी   से  प्रीत  जुड़ी

शनिवार, 28 जून 2025

फिर एक नई सुबह हो



फिर नई सुबह हुई

एक नए दिन की शुुुुरुआत साथ

एक नई कहानी का जन्म हुआ 

नए किरदार नए चेहरे 

नए कथानक नए मंच पर नए संवाद

नए देशकाल - वातावरण की नई  

परिस्थितियाँ नए संदर्भ नए प्रसंग

है सबकुछ नया आरंभ प्रयत्न प्रात्याशा

नियताप्ति और फलागम

शुक्रवार, 27 जून 2025

पीड़ा के मौन संदर्भ



पीड़ा   के   मौन   संदर्भ  तीव्र   हवा   में   पत्तों   की 

कड़कड़ाहट   की     घुलती  आवाज   है   जो  अतीत  की

गहन   चीत्कार   करती   है  भविष्य   के   झूठे   स्वप्न   अंह

को   चूर -  चूर    करती     हुई  ,

नित   रहती  है  अपने   वर्तमान   से   जुड़ी 

हर  आते -  जाते  पल   का   साक्षी   बनकर ।

हर मन में शुभता का संचार करे



हार से अविकल अविचल संकल्पित    

जीवन सुरभि सुभावों से सुवासित 

त्याग जीवन मूल्य अटूट नेहबंध से

जुड़ती मन प्रीत साची अनवरत पथ

पर सुमंगल सुमुधर गीत गान गाती

पल्लव से विकसित प्रात दीपज्योति